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सही मजदूरों को फिर से मिलने लगेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, पोर्टल शुरू करने का फैसला

1500 करोड़ के घोटाले के बाद सरकार ने रोक दी थी योजनाएं

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Labourers Copy Scam : हरियाणा सरकार ने ‘हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ (BOCW) में हुए 1500 करोड़ रुपए के फर्जी पंजीकरण घोटाले के बाद बंद हुई मजदूरी कापियों में से ठीक और पात्र मजदूरों की कापियों को दोबारा से शुरू करने का फैसला किया है। सरकार ने फैसला किया है कि जिन लोगों ने गलत तरीके से लाभ लिया है उनसे उनके द्वारा ली गई राशि को ब्याज सहित में वसूला जाएगा। सरकार के इस फैसले से उन लोगों में हड़कंप की स्थिति है जिन्होंने गलत तरीके से लाभ लिया था।

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श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि अब सरकार वास्तविक लाभार्थियों को लाभ पहुँचाने की तैयारी में है। जिन श्रमिकों का डाटा और वर्क स्लिप असली पाए गए हैं, उनके लिए जल्द ही पोर्टल खोल दिया जाएगा और उनकी निष्क्रिय (Inactivated) आईडी को फिर से चालू कर दिया जाएगा।

सरकार के नए कदम और राहत की योजना

उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिशों के बाद, श्रम मंत्री ने उन श्रमिकों की आईडी एक्टिव करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है जिनकी रसीदें सही मिली हैं। इससे वे अब लंबित सरकारी लाभों के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिन श्रमिकों के पास आंशिक रूप से वैध दस्तावेज हैं, उन्हें नए सिरे से पंजीकरण का मौका दिया जाएगा। फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद पात्र पाए जाने पर उन्हें पुराने लाभ भी दिए जाएंगे। श्रमिकों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए हर जिले में एक ‘शिकायत निवारण समिति’ (Grievance Committee) बनाई जाएगी।

2008 से अब तक के रिकॉर्ड की होगी जांच

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अनिल विज ने संकेत दिया है कि वर्तमान जांच पिछले दो वर्षों के डाटा पर आधारित थी, लेकिन बोर्ड द्वारा लाभ 2008 से दिए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार वर्ष 2008 से लेकर अब तक की सभी वर्क स्लिप की गहन जांच करा सकती है, जिससे घोटाले का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

अपात्रों और जालसाजों पर होगी कार्रवाई

मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर औसतन ₹2.5 लाख प्रति श्रमिक तक का लाभ लिया है, उनसे पैसे की वसूली की जाएगी और संलिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

क्या है मामला

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सरकार की जांच में 90% से ज्यादा मजदूरी कॉपियां फर्जी पाई गई हैं। इस मामले के बाद प्रदेश भर में मजदूरों को दी जाने वाली स्कीमों को रोक दिया गया था। अब जांच का काम लगभग पूरा हो चुका है और उसके बाद सरकार ने सही मजदूरों को लाभ देने की अपनी योजनाओं को दोबारा से शुरू करने का फैसला किया है।

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